किस ग्रह के लिए कौन सा स्तोत्र?
वैदिक उपाय तब सबसे अच्छे काम करते हैं जब देवता, ग्रह और आपकी वास्तविक स्थिति मेल खाएं। स्तोत्र सामान्य शुभ-चर्म नहीं है — हर पाठ एक विशिष्ट दिव्य रूप का आह्वान करता है जिसे परंपरा किसी ग्रह से जोड़ती है।
यह गाइड नौ ग्रहों को इस साइट के स्तोत्रों से जोड़ती है। महादशा, अंतर्दशा, कठिन गोचर या बार-बार एक ही ग्रह की चर्चा होने पर उपयोग करें।

सभी ग्रहों के लिए एक दैनिक अभ्यास: नवग्रह मंत्र। नीचे ग्रहवार विवरण है।
सूर्य (Surya)
जीवन शक्ति, पिता, अधिकार, आत्मविश्वास।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| मूल मंत्र | गायत्री मंत्र |
| अष्टकम् | सूर्य अष्टकम् |
| आदित्य हृदयम् | आदित्य हृदयम् |
| चालीसा | गायत्री चालीसा |
दिन: रविवार, सूर्योदय पर अर्घ्य देकर पाठ।
चंद्र (Chandra)
मन, माता, भावनाएं, नींद।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| अष्टकम् | चंद्र अष्टकम् |
दिन: सोमवार शाम, संध्या के बाद।
मंगल (Mangal)
साहस, संपत्ति, भाई-बहन, विवाद, दुर्घटना।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| चालीसा | मंगल चालीसा |
| हनुमान | हनुमान चालीसा |
| बजरंग बाण | बजरंग बाण |
| अष्टक | संकट मोचन अष्टक |
दिन: मंगलवार। हनुमान और मंगल उपाय अक्सर एक साथ।
बुध (Budh)
वाणी, व्यापार, शिक्षा, बुद्धि।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| चालीसा | बुध चालीसा |
| सरस्वती | सरस्वती चालीसा |
दिन: बुधवार। विद्यार्थी परीक्षा से पहले सरस्वती चालीसा लाभकारी।
गुरु (Guru)
ज्ञान, संतान, धर्म, विस्तार।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| चालीसा | गुरु चालीसा |
दिन: गुरुवार। शिक्षकों या विद्यार्थियों को दान।
शुक्र (Shukra)
प्रेम, विलास, विवाह, कला, वाहन।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| चालीसा | शुक्र चालीसा |
| लक्ष्मी | लक्ष्मी चालीसा |
| अष्टकम् | लक्ष्मी अष्टकम् |
दिन: शुक्रवार।
शनि (Shani)
कर्म, विलंब, अनुशासन, दीर्घ रोग।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| मंत्र | शनि मंत्र |
| चालीसा | शनि चालीसा |
| दशरथ स्तोत्र | दशरथ शनि स्तोत्र |
| शिव | शिव चालीसा |
| महामृत्युंजय | महामृत्युंजय मंत्र |
दिन: शनिवार। पूर्ण विवरण: शनि उपाय गाइड।
राहु (Rahu)
आसक्ति, विदेश, भ्रम, अचानक घटनाएं।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| स्तोत्र | राहु स्तोत्र |
| दुर्गा | दुर्गा चालीसा |
| कवच | देवी कवचम् |
| अर्गला | अर्गला स्तोत्र |
| महिषासुर मर्दिनि | महिषासुर मर्दिनि स्तोत्र |
दिन: शनिवार और बुधवार। राहु गोचर 2026 भी पढ़ें।
नवरात्रि क्रम: कवचम् → अर्गला → महिषासुर मर्दिनि।
केतु (Ketu)
वैराग्य, आध्यात्म, पूर्व जन्म कर्म, अचानक हानि।
| उपाय | लिंक |
|---|---|
| स्तोत्र | केतु स्तोत्र |
| गणेश | गणेश चालीसा |
| अथर्वशीर्ष | गणेश अथर्वशीर्ष |
| हनुमान | हनुमान चालीसा |
दिन: मंगलवार और शनिवार। राहु स्तोत्र के साथ नोडल अक्ष पूरा करें। केतु गोचर 2026।
कई ग्रह सक्रिय हों तो क्या करें?
- महादशा स्वामी — पहली प्राथमिकता।
- अंतर्दशा स्वामी — विषय को परिष्कृत करता है।
- गोचर — चंद्र से 1, 4, 7, 8, 10, 12वें भाव में ग्रह विशेष सक्रिय।
- जन्म कुंडली दोष — नीच या अस्त ग्रह को साप्ताहिक पाठ लाभ देता है।
रोज का तरीका
एक प्राथमिक स्तोत्र चुनें। उस ग्रह के दिन उसी समय पढ़ें। मंत्र 108 बार, चालीसा/स्तोत्र पूरा एक बार। दान और ईमानदार आचरण जोड़ें।
सभी पाठ: स्तोत्र पृष्ठ — ग्रह, देवता या श्रेणी से फ़िल्टर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक दिन में कई ग्रह के स्तोत्र पढ़ सकते हैं?
हां, पर एक अभ्यास पहले आदत बनाए। एक साथ तीन नए पाठ आमतौर पर दो हफ्ते में छूट जाते हैं।
संस्कृत न आती हो तो?
हां, लिप्यंतरण से पढ़ें, अर्थ समझें, ध्यान से जप करें। नियमितता उच्चारण से ज्यादा मायने रखती है।
नवरात्रि में कौन सा स्तोत्र?
देवी कवचम् → अर्गला → महिषासुर मर्दिनि। रोज के लिए दुर्गा चालीसा।