नवग्रह बीज मंत्र — सभी 9 ग्रह
नौ नवग्रह बीज मंत्र — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु। प्रत्येक ग्रह का मंत्र उसके वार को 108 बार जप करें। शनि के लिए [शनि उपाय](/hi/blog/shani-remedies) देखें।

चौपाई surya
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah
सूर्य का बीज मंत्र — जीवन शक्ति, अधिकार, आत्मविश्वास और पिता से जुड़े कर्म का आह्वान। रविवार को 108 बार जप करें।
चौपाई chandra
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah
चंद्र का बीज मंत्र — मन शांत करता है, भावनाओं को स्थिर करता है। सोमवार को 108 बार जप करें।
चौपाई mangal
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah
मंगल/भौम का बीज मंत्र — साहस, ऊर्जा और संपत्ति-कानूनी मामलों में सुरक्षा। मंगलवार को 108 बार जप करें।
चौपाई budh
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुद्धाय नमः
Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah
बुध का बीज मंत्र — बुद्धि, संवाद, व्यापार कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता तीक्ष्ण करता है। बुधवार को 108 बार जप करें।
चौपाई guru
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah
गुरु/बृहस्पति का बीज मंत्र — ज्ञान, भाग्य, आध्यात्मिक विकास और धर्म मार्गदर्शन। गुरुवार को 108 बार जप करें।
चौपाई shukra
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
Om Draam Dreem Draum Sah Shukraya Namah
शुक्र का बीज मंत्र — प्रेम, संबंध, कलात्मक प्रतिभा और भौतिक सुख बढ़ाता है। शुक्रवार को 108 बार जप करें।
चौपाई shani
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
Om Praam Preem Praum Sah Shanaishcharaya Namah
शनि का बीज मंत्र — अनुशासन, कर्म संतुलन और जीवन की परीक्षाओं में सहनशीलता। शनिवार को 108 बार। [शनि उपाय](/hi/blog/shani-remedies) भी देखें।
चौपाई rahu
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah
राहु का बीज मंत्र — कर्म सं confusion, भौतिक बाधाएँ और छाया ग्रह पीड़ा दूर करता है। शनिवार को 108 बार जप करें।
चौपाई ketu
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
Om Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah
केतु का बीज मंत्र — आध्यात्मिक मुक्ति, वैराग्य और मोक्ष-उन्मुख विकास। मंगलवार या गुरुवार को 108 बार जप करें।
नवग्रह बीज मंत्र के बारे में
नवग्रह बीज मंत्र हिंदू परंपरा का अत्यंत पवित्र स्तोत्र है, जो नौ ग्रह (नवग्रह) को समर्पित है। इसके नियमित पाठ से भक्तों को दिव्य कृपा, मानसिक स्थिरता और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा प्राप्त होती है।
पाठ के लाभ
- सूर्य से केतु तक सभी नौ ग्रह ऊर्जाओं को एक दैनिक अभ्यास में संतुलित करता है
- प्रत्येक बीज मंत्र: ॐ + तीन बीज अक्षर + सः + देवता नाम + नमः संरचना
- ग्रह के वार पर जप: सूर्य-रविवार, चंद्र-सोमवार, मंगल-मंगलवार, आदि
- नवग्रह शांति, ग्रह दोष और दशा परिवर्तन में अनुशंसित
शुभ समय और विधि
प्रत्येक ग्रह का मंत्र उसके वार को 108 बार जप करें। प्रातः पूर्व दिशा की ओर मुख करें। रुद्राक्ष या स्फटिक माला उपयोग करें। कुंडली में पीड़ित ग्रह पर ध्यान दें।
ज्योतिषीय महत्व
नियमित पाठ मन को धार्मिक अनुशासन से जोड़ता है — जो सभी वैदिक उपायों की नींव है। भय के बजाय ईमानदार आचरण, सेवा और निरंतरता के साथ इसका अभ्यास करें।
वार मार्गदर्शिका: सूर्य (रविवार) · चंद्र (सोमवार) · मंगल (मंगलवार) · बुध (बुधवार) · गुरु (गुरुवार) · शुक्र (शुक्रवार) · शनि और राहु (शनिवार) · केतु (मंगलवार/गुरुवार)।
शनि अवधि के लिए शनि उपाय, साढ़े साती, और विंशोत्तरी दशा पढ़ें।